मान और अपमान हमें, सब दौर लगे पागलपन के
कांटे फूल मिले जितने भी, स्वीकारे पूरे मन से
इस दुनिया में कोई न रहा, सब नामी और अनाम गए
पता नहीं सब कहां गए, कुछ सुबह गए कुछ शाम गए...
आज ये पढ़ा अच्छा लगा सो आप तक भेज रहा हूँ
उम्मीद है कि पसंद आएगा
गांवदेहात का जेम्स हैरियेट
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आज फिर दांतों का फॉलोअप था डाक्टर स्वमित्र के क्लीनिक में। फिर कई
रेडियोग्राफिक शूट। फिर थोड़ी दांतों की घिसाई। फिर दांतों के रूट्स तक फाइल
चुभाने की फाइन ...
3 days ago


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