ये तो parakshtha है कितनी आराम से शिबू सोरेन झारखण्ड के सीएम फ़िर बन गए कल तक अड़े हुए मधु कौडा दिल्ली तलब हुए और बिना किसी विरोध के इस्तीफा देकर गुरु जी के लिए रास्ता खाली कर गए । पर क्यों हुआ ऐसा सोचना पड़ेगा ? क्या जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का कोई मतलब नही है ?
सब कुछ हाई कमांड के इशारे पर फिर इस ढकोसले इस फार्श का मतलब ?
लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है यदि इसका डट कर विरोध नहीं हुआ तो ऐसे तमाचे हमें अक्सर लगेंगे और हम अपने गाल ही सहलाते रहेंगे और ये नेता लोकतंत्र के नाम पर अपना हुक्म अपना सिक्का चलाते रहेंगे
जरई और रक्षाबंधन
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राखी का बाजार बचा रहा, जरई का संसार चला गया। गरिमा, मेरी बहन, की राखी समय
पर आ गई है—स्पीड पोस्ट से। सालों से पोस्ट ऑफिस के माध्यम से मिलती रही है।
पहले सा...
4 days ago

